गढ़वा। लोकतंत्र में चुनाव लड़ने का अधिकार सभी को है। इसी संदर्भ में नगर परिषद गढ़वा के निवर्तमान अध्यक्ष प्रतिनिधि संतोष केसरी ...
गढ़वा। लोकतंत्र में चुनाव लड़ने का अधिकार सभी को है। इसी संदर्भ में नगर परिषद गढ़वा के निवर्तमान अध्यक्ष प्रतिनिधि संतोष केसरी से बातचीत हुई, जिसमें उन्होंने नगर परिषद चुनाव को लेकर अपने विचार व्यक्त किए। संतोष केसरी ने कहा कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे लोगों की मानसिकता भी झलकने लगी है। उन्होंने एक पुरानी कहावत का जिक्र करते हुए कहा, "अधकल गगरी छलकत जाए," यानी व्यक्ति जैसा होता है, वैसा ही सोचता है। उनका कहना था कि अभी 15 दिन पहले तक जो लोग साथ थे, वही अब भ्रष्टाचार के आरोप लगाने लगे हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई भ्रष्ट है तो उसकी परिभाषा भी दी जानी चाहिए।उन्होंने आगे कहा कि जो लोग अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने की सोच रहे हैं, उन्हें पहले वार्ड पार्षद का चुनाव जीतना चाहिए। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि जो व्यक्ति दो बार चुनाव हार चुका है, वह अब नगर परिषद अध्यक्ष बनने की बात कर रहा है। उन्होंने ऐसे लोगों को सलाह दी कि यदि वे प्रशासनिक पद की तैयारी कर रहे हैं तो पहले दिल्ली जाकर चाणक्य इंस्टिट्यूट में ट्रेनिंग लें।संतोष केसरी ने कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और सही समय पर मुंहतोड़ जवाब देगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नगर परिषद में कोई भी सार्वजनिक स्थान या कार्यालय ऐसा नहीं है, जहां किसी को जाने से रोका जा सके। यदि किसी को पानी का कनेक्शन लेना हो, अस्पताल, थाना, कचहरी या ब्लॉक में कोई काम हो, तो उसे अपना काम करवाने का पूरा अधिकार है।नगर परिषद अध्यक्ष पद को लेकर चल रही राजनीति पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग आज इस कुर्सी के लिए हाय-तौबा मचा रहे हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि मैं इस पद पर 10 वर्षों तक सेवाएं दे चुका हूं। यदि मैं भ्रष्ट होता, तो जनता ने मुझे दो बार क्यों चुना?नगर परिषद चुनाव को लेकर गढ़वा में सियासी हलचल तेज हो गई है। नए प्रत्याशी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन संतोष केसरी का कहना है कि जनता समझदार है और अपने अनुभव से सही निर्णय लेगी। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले चुनाव में गढ़वा की जनता किसे अपना प्रतिनिधि चुनती है।गढ़वा जिले की खबरों के लिए चैनल को सब्सक्राइब करें, बेल आइकॉन को दबाएं, लाइक करें औऱ लिंक को शेयर करें।
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